naresh
Monday, March 26, 2012
मौसम मोहब्ब्त का बस इतना सा फसाना है, मौसम मोहब्ब्त का बस इतना सा फसाना है कागज की हवेली है और बारिश का जमाना है। क्या शर्त –ए – मोहब्ब्...
मौसम मोहब्ब्त का बस इतना सा फसाना है
Reviewed by naresh
on
Monday, March 26, 2012
Rating:
