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आखिर एंड्रॉयड में ऐसी क्या बात है

गूगल मैप

यदि किसी नई जगह जा रहे हैं और वाई-फाई या इंटरनेट डाटा की सुविधा नहीं है, तब भी आप गूगल मैप का इस्तेमाल कर सकते हैं।
एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में यह सुविधा ऑफलाइन भी उपलब्ध है। जिस क्षेत्र के बारे में जानकारी चाहते हैं, उसे चुनें और मैप में डाउनलोड करें।

इसे आप बाद में ब्राउज भी कर सकते हैं।

स्पीड डायल

आमतौर पर स्पीड डायल में अलग से कुछ नंबरों की लिस्ट बनानी पड़ती है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में ऐसा करने की जरूरत नहीं होती। यह आपके द्वारा सबसे ज्यादा डायल किए जाने वाले कांटेक्ट्स के आइकन्‍स बना देता है और उन्हें फोन की होमस्क्रीन पर दिखाता है।

बैटरी बचाएं

एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स का बिल्ट-इन-विजेट फीचर होम स्क्रीन पर ही वाइ-फाइ, जीपीएस, ब्लूटूथ, ब्राइटनेस और गूगल को एक्सेस करने की सुविधा देता है।
इसका मतलब आपको बार-बार इन फीचर्स को एक्सेस करने के लिए सेटिंग्स में जाने की जरूरत नहीं है, इससे आपकी बैटरी लाइफ भी लंबी चलेगी।
जो एप्स ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर रहे उन्हें बंद करके भी बैटरी लाइफ बचाई जा सकती है।

जब फोन खो जाए

यदि आपका फोन खोने के बाद किसी भले व्यक्ति को मिले और वह उसे लौटाना चाहे तो एंड्रॉयड इसमें काफी मदद करता है।
इसके लिए एंड्रॉयड फोन में यूजर की कांटेक्ट डिटेल सेव करने की सुविधा दी जाती है। आप अपनी संपर्क सूचना अपनी पासवर्ड प्रोटेक्टेड लॉक स्क्रीन पर भी सेव कर सकते हैं।

गूगल क्रोम

गूगल क्रोम को फोन एप में डाउनलोड करें। इससे आपको अपने डेस्कटॉप ब्राउजर से लिंक्स, मैसेज और फोन नंबर सीधे फोन में भेजने की सुविधा मिलेगी।
इससे आप अपने बुकमार्क्स और सेव की गई सर्च को तुरंत ही अपने फोन पर भी एक्सेस कर सकते हैं।

कठिन शब्दों के लिए

यदि कोई शब्द या स्पेलिंग बार-बार भूल जाते हैं तो उन शब्दों को डिक्शनरी में सेव कर सकते हैं। इसके बाद आप जब भी वह शब्द दोबारा लिखना चाहते हैं तो उसकी स्पेलिंग टेक्स्‍ट में पहले ही आपके सामने आ जाती है।

शब्द को डिक्शनरी में एड करने के लिए कुछ देर होल्ड करें, जब तक कि उसके पीछे की सफेद लाइन न हटे।

ताकि न आए लंबा-चौड़ा बिल

अचानक लंबा-चौड़ा बिल आ जाए या फिर डाटा पैक खत्म हो जाए तो बड़ी परेशानी होती है। इससे बचने के लिए एंड्रॉयड जैली बीन आपके फोन को इस तरह प्रोग्राम करने की सुविधा देता है, जिससे आपके डाटा यूसेज को मॉनीटर किया जा सके।
जब आप अपनी लिमिट से ज्यादा डाटा इस्तेमाल कर रहे होते हैं, तो यह फीचर आपको चेतावनी देता है और ज्यादा बिल आने से भी बचाता है।

स्टोरेज

आप अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन का इस्तेमाल एक पोर्टेबल यूएसबी ड्राइव के रूप में भी कर सकते हैं। इसमें फाइल्स स्टोर कर सकते हैं और जब जरूरत हो तो कंप्यूटर में भी ट्रांसफर कर सकते हैं।
यूएसबी केबल की मदद से फोन को कंप्यूटर के साथ प्लग करके फाइल्स एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस में ट्रांसफर की जा सकती हैं।
आखिर एंड्रॉयड में ऐसी क्या बात है आखिर एंड्रॉयड में ऐसी क्या बात है Reviewed by NARESH THAKUR on Wednesday, December 18, 2013 Rating: 5

1 comment:

  1. थैंक्स..अच्छी जानकारी

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